आत्महत्या

आत्महत्या..

विकल्प है तेरे दुःखी जीवन का

या विश्वास में तेरे

प्रकल्प है यह नवजीवन का।

जो भी हो, यह मिथक है;

इसके पश्चात् सुख की खोज

वास्तविकता से पृथक् है।

आत्महत्या से विनाश ही

 प्रतिपादित होता है,

आत्महत्या करने वालों का

अस्तित्व विवादित होता है।

यह विचार तनिक सरल नहीं,

इससे बड़ा न कोई पाप है

और भयानक कोई गरल नहीं।

इस राह पर आने की

चाहे जो हो विवशता,

लौट जा जीवन को वापिस,

तज के तू परवशता।

अश्रुओं के द्वारा कह दे

जो दुःख तेरे भीतर है,

किन्तु छोड़ना नहीं संसार को,

यह जीवन अत्यंत सुंदर है।

संसार का यह एक नियम विशेष है:

करुण के अतिरिक्त भी

जीवन में नौ रस शेष हैं।
-आरती मानेकर

24 thoughts on “आत्महत्या

  1. It’s been six days since I’ve read this but I am speechless, I mean I don’t know what to say……
    I think I am too young to think like this and suggest anything……!
    The only thing I’d like to say that hey guys please don’t leave life it’s beautiful, shining, overwhelming and rocking in every aspect, what you need to do to feel this beautifulness is just start living for others, for humanity….. & stop expecting anything in return.
    :-Twitter @Pm7CA

    Liked by 2 people

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s