MakeItUltra Blogger Award

Thanks a lot Saketh (my loving dad-from bloggers family)  for the nomination. He’s a very good dad(friend), cares for me n all the buddies…😘

Love u dad

Catch him here..

https://sakethscribbles.wordpress.com/

Such a nice person..

#sportskeeda…

ABOUT THE AWARD

The MakeItUltra™ Blogger Award is an award given to bloggers by bloggers for quality content, originality and presentation. The intention of this award is to encourage connectivity and support in the blogging community and to increase exposure for individual bloggers.

THE RULES

If you have been nominated for the MakeItUltra™ Blogger Award and choose to accept, write a blog post about the MakeItUltra™ Blogger Award in which you:

1. Thank the person who nominated you and post a link to their blog on your blog. Take a moment to positively promote the person who nominated you.

2. Display the award on your blog by adding it to your post and/or displaying it using a widget on your page (Save the image to your computer and upload it to your blog post).. Don’t forget to use the tag #MyUltraAward when you make your post!

3. Answer the following MakeItUltra™ Blogger Award questions.

What is your name?

Arti Manekar

Where are you from?

Heart of India (MP)

How long have you been blogging and why did you start?

–  my blog is in its 5th month.

I started blog so that ppl can read me.

Also I  can learn from other bloggers.

What are you most proud of?

–  I’m proud of my friends… Who help in every condition.. Each n every friend of mine is unique n incredible…

What are your blogging goals?

– I just want true readers…. Who can admire me as well tell me my mistakes..

How do you spend your free time?

– Reading, chit chat, sleeping….. Are my pass times…

4. Nominate 1-8 blogs that you feel deserve the award and provide links.

Here are my nominees :

 Very confusing work. ..

https://mahimasingh97.wordpress.com/

https://ajay14vyas.wordpress.com/

https://roflromeo.wordpress.com/

So guys

..congratulations…

Keep writing…

N thank you Dad once again…😘

 

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मेरा मौन

मेरा मौन..

नाराज़गी नहीं है किसी के प्रति…

मेरे हृदय की…

अपितु..

परिचायक है….

मेरे व्यथित मन की विडम्बनाओं का…।

हाँ, ये वो बातें हैं..

जो कह ना पाती मैं…

ना ही तुमसे… ना उनसे…

बस कोशिश कर लेती हूँ..

इस मौन को लिखने का..

ताकि समझ पाओ तुम…

मेरे मन के अंतर्द्वन्द्व को…।

इस मौन को तुम बढ़ने न दो..

ना ही तुम मौन धारण करो..

ना ही उलहनाओं के क्षर चलाके…

घायल करो तुम मेरे उर को…।

यह मौन घातक है…

परिणाम अवघाती होगा…।

हाँ कुछ क्षणों का मौन….

आवश्यक है…

अवचेतन के सुख हेतु…

किन्तु सारी आयु का मौन…

मृत्यु से कम नहीं….।

रोक लो…

शब्दों को…

विलुप्त होने से पहले….।

ध्वनि दो,

गति दो,

शब्दों को…

और तोड़ दो मौन को…

विनाश से पहले….!

-आरती मानेकर

भाऊ

भाऊ…
वडिलांनंतर बहिनीला

सारख प्रेम देणारा.

मोठा असल्यास

हक्क जतवणारा.

लहान असल्यास

जिद्द करणारा.

पण हे नातं मात्र

प्रेमाणी जपणारा.
लहानपणी एकदा खेळत होतो आम्ही.

खेळतांना पाळण्यावरून मला पाडलं होतं त्यानी.

लागल माझ्या पायाला, रडत होते मी.

माझे अश्रु पाहुन, हंसु त्याला येई.
शाळेत जात असतांना हात धरून न्यायचा.

मधल्या सुट्टीत माझ्या सोबतच जेवायचा.

अभ्यास त्याचा आणि माझा, करत होते मी.

म्हणुन रोज मला एक चॉकलेट तो द्यायचा.
कधी माझ्या चुकीवर त्यानी मला रागवलं.

रडत असली मी की मला रडतांना हसवलं.

हात सुटला त्याचा, पड़त होते मी.

जीवणाच्या वाटेवर नेहमीच मला वाचवलं.
हो, उद्या उल्लासाने माझी पाठवणी तू करणार.

पण एकट्यात तू माझ्या आठवणीत रडणार.

ज्या अंगणात तुझ्या सोबत, खेळत होते मी.

त्याच अंगणी माझी वाट तू बघणार.
आरती मानेकर



भाई…

पिता के बाद बहन को

उसी प्रकार प्यार करने वाला।

बड़ा हो, तो

हक जताने वाला।।

छोटा हो, तो

हठ करने वाला।

लेकिन ये रिश्ता

बहुत ही प्रेम से निभाने वाला।।
बचपन में एक बार खेल रहे थे हम।

खेलने में झुले से मुझे वो गिराए।।

लगी चोट मुझको, रोने लगी मैं।

मेरे आँसू देखकर उसको हंसी आए।।
स्कूल जाते समय हाथ पकड़ ले जाता था।

बीच की छुट्टी में खाना साथ मेरे खाता था।।

पढ़ाई उसकी और मेरी, करने लगी मैं।

इसलिए रोज एक चॉकलेट मुझे देता था।।
कभी मेरी गलती पर मुझे उसने डांटा।

रोती अगर मैं तो रोते हुए मुझे हँसाया।।

हाथ उसका छुटा,गिरने लगी मैं।

जीवन की राहों पर हमेशा मुझे बचाया।।
हां, कल आनन्द से मेरी बिदाई तू करेगा।

लेकिन अकेले में मेरी याद में रोएगा।।

जिस आँगन में तेरे साथ,खेलती थी मैं।

उसी आँगन में कल मेरा इंतजार तू करेगा।।

-आरती मानेकर

Happy Rakshabandhan…..☺😊

मेरा देश हिन्दुस्तां है…!

धरती मेरी माँ, पिता आसमां है।

मिलते है जहाँ ये दोनों…

वो क्षितिज, मेरा देश हिन्दुस्तां है…!
 वो सोने की चिड़िया थी, जो

पंख फहराकर उड़ गई।

जिस पर बैठा करती थी वो,

वो डाल आज भी यहाँ है।
आसमां ने सूरज उपहार दिया,

धरती पर नदियाँ बहती हैं।

बसता  है जहाँ संसार सारा,

देश ऐसा, और कहाँ है…!
इस बाग में बैठे यूं ही

मैं नित सोचा करती हूँ,

कि जिस पर मुझको गर्व है,

हाँ, यहीं वो गुलिस्तां है।
धरती मेरी माँ, पिता आसमां है।

मिलते है जहाँ ये दोनों…

वो क्षितिज, मेरा देश हिन्दुस्तां है…!
-आरती मानेकर

सभी देशभक्त मित्रों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ…

चाँद ख़्वाहिश का…

सरे-दश्ते-तपां को इंतजार है आज बारिश का।

जैसे इस दिल का है चाँद सिर्फ ख़्वाहिश का।।
एक नज़राना सिर्फ माँगा था, मैंने जिंदगी तुझसे।

वो भी ना दे सकी तू, क्या खता हुई मुझसे?
सर्ब भरे इस दिल का हाल कोई क्या जाने?

कोरे कागज़ पर लिखे पड़े हैं अल्फ़ाज़ अनजाने।।
इन अल्फ़ाज़ों के सर्ब से जो रूबरू हो जाओ।

रब्त हो जाएगा तुम्हें इनसे, चाहतै खो जाओ।।
दिल-ए-दरिया में ना बेहक ज़हर तहलील करो।

अदावत को तुम अपनी, इसक में तब्दील करो।।
घाव पे अलाव लगाने का इज़्म तुमको है।

गर ना तो सलीब उठाते रोना कल तुमको है।।
अब ना सिर्फ इबादत करो तुम रब की।

जब्रे-मुसलसल नेह का किया तुमने जबकि।।
-आरती मानेकर