Attention please!!!

Hello guys!

Good evening!!

Today I need a favor from all of you. I have started a YouTube channel 2 months ago. In this channel, my partner and I try to give voice to our poems. I want you all to have a look at it and also to subscribe it…

Here is the link to the channel https://www.youtube.com/channel/UCk4-ADWzODqlegxGxB3ySrA. Its name is Kalarav .

You can also give your poems if you want to give voice to it. Mail us @kalaravgunjan@gmail.com .
Thank you all in advance!!

Stay blessed.😊

-Arti Manekar

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तेरे-मेरे मिलन के बाद….

हक़ से जुल्म कर मुझपर

हां मैं नफरत के काबिल हूं!

एक दिन तुम भी देखोगे,

मुझे मशहूर तो होने दो!

सहेजकर रखा करो अल्फाज़,

कल तेरे काम आएंगे।

कि छा जाती है खामोशी 

भयंकर तूफानों के बाद।

हां, माना कि सूना है गुलशन 

तेरी-मेरी मोहब्बत का,

वो गुल फिर खिलखिलाएगा

जरा मौसम बदलने दो!

खुदा से सजदा करते हो

है मुझपर शक तुम्हें कोई?

तवज्जो खो नहीं देना 

मोहब्बत पा जाने के बाद।

क्यों घबराता तू यार मेरे

मोहब्बत में फासलों से?

मैं तुझसे मिलने आऊंगा 

मेरे नासूर तो भरने दो!

तू जरा सब्र तो करना 

मेरे महबूब! मेरे यारा! 

ये कायनात भी थम जाएगी,

तेरे-मेरे मिलन के बाद।

मैं वाह-वाही का नहीं भूखा 

अब तब्दीली ही मंजिल है,

हां, सुनिएगा गजल कोई 

जरा दिल को संभलने दो!

कि तुम क्या जब्र जानोगे 

कलम का, तालियों वालों!

कलम भी तोड़ दी जाती है 

कानूनी फैसलों के बाद।

-आरती मानेकर

Lonely Me (part -6)

 I am throwing my words

I am squeezing my heart

My words turned into feelings

It’s getting more deeper & sharper,

As it experienced more  pain rather it witnessed!!
They took it , as “poetry”

Sometime their appreciation,

Sometime their ignorance,

But it won’t hurt me

Because I took it, as emotions-

My “world” not “word “.
-Arun Kumar Kushwaha

Isn’t this poem beautiful?

Yeah, it is!

But it’s part -6, where are part -1,2,3,4,5?

Here… They are here on his blog.. http://arun1423.wordpress.com.

But wait.. why the poem is on my blog?

Yes, I’m just being a helping hand and collecting blessings.😌😊

Can I ask you for a favour?

Please give him your support, so that talent will have a platform!

Thank you.

-Arti Manekar

 

Red Love💕💕

 His tender touch to her fingers…

And sensation to her heart…

He kissed her cheek lovingly…

And she turned red…

He kissed her body top to toe…

And She tightened her fist …

In the term of foreplay…

He found her g-spot…

Milky white bed was red now…

Her Joy was ultimate…

Thirst and sweat was there…

And they became intimate…
-Arti Manekar

​अंतिम रचना

फिर-फिर उठी है उमंग आज 

कि लिख दूं कल्पना अंतिम मेरी!

कि लिख दूं रचना अंतिम मेरी !

कि तुम हो वो सुधा,

जो जीवित रखे है मन मेरा!

कि तुम हो वो विधा,

जिससे संतुष्ट हो मन मेरा!

हो चिर युद्ध में विजय का

शाश्वत उपहार तुम!

हो तिलमिलाती धूप दिन की 

पुष्प रंजित शाम तुम!

हो श्वास तुम अंतिम कोई 

हो उठा स्वप्न साक्षात कोई 

हो प्रेम का सारांश तुम 

हो जीवन का उपसंहार भी!

कि तुम नहीं केवल कृति 

हो मेरा प्राण तुम, मेरा मान तुम।
-आरती मानेकर

राही

मैंने यादों को बंद किया

लोहे की संदुकची में

और चल पड़ा हूं मैं

सपनों की दिशा में।

अपनों को पीछे छोड़कर

अधरों पर झूठी मुस्कान लिए

जी रहा हूं मैं

बेचारों की सी दशा में।

मैं सपनों को सच कर दूंगा

बेरंग आज को स्वर्णिम कल कर दूंगा।

हां, कुछ पीछे छूट रहा है

तन के अंदर मन टूट रहा है।

नव जन मेरे साथ सही है

यह एकांत का पर्याय नहीं है।

शंकाओं से बोझिल मन है

थका हुआ, कार्यरत तन है।

शोर मन में अब ज्यादा है,

प्रतिद्वंद्व का लगा तांता है।

मेरे पग कहीं रुक ना जाएं

सब सपनें कहीं टूट ना जाएं।

अथक प्रयास अंवरत जारी है

नियति की भी अब बारी है।

विश्वास और शुभाशिष कहते हैं

कि मैं लक्ष्य को पा जाऊं

भय है केवल इतना कि

पाषाण ह्रदय ना बन जाऊं।

-आरती मानेकर